अगर आप भी साउथ इंडियन सिनेमा के दीवाने हैं और एक ऐसी फिल्म की तलाश में थे जो आपको अपनी सीट से बांध कर रख दे, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। सिनेमाघरों में अपनी ताबड़तोड़ कमाई और शानदार कहानी से तहलका मचाने वाली तमिल स्पोर्ट्स-एक्शन ड्रामा फिल्म 'मंदादी' (Mandaadi) अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दस्तक दे चुकी है। जिन लोगों ने इस फिल्म को थिएटर में मिस कर दिया था, या जो इसे दोबारा अपने घर के आराम में बैठ कर देखना चाहते थे, उनका इंतजार अब पूरी तरह खत्म हो गया है।
आइए जानते हैं कि यह फिल्म किस OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है, इसकी कहानी क्या है, और यह किन-किन भाषाओं में देखने के लिए उपलब्ध है।
कब और किस OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई 'मंदादी'?
साउथ के मशहूर अभिनेता सूरी (Soori) और सुहास (Suhas) स्टारर फिल्म 'मंदादी' का डिजिटल प्रीमियर 8 अक्टूबर 2026 को लोकप्रिय स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Netflix India पर कर दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि यह फिल्म अपनी थियेट्रिकल रिलीज (10 सितंबर 2026) के एक महीने के भीतर ही ओटीटी पर आ गई है।
सबसे अच्छी बात उत्तर भारतीय दर्शकों के लिए यह है कि नेटफ्लिक्स ने इसे सिर्फ तमिल में ही नहीं, बल्कि हिंदी, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी डब करके रिलीज किया है। यानी अब आप अपनी पसंदीदा भाषा हिंदी में इस बेहतरीन फिल्म का लुत्फ उठा सकते हैं।
बॉक्स ऑफिस पर गाड़े थे सफलता के झंडे
सिनेमाघरों में 'मंदादी' को दर्शकों और समीक्षकों से बेहद शानदार रिस्पॉन्स मिला था। मात्र 75 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन किया। इस शानदार कमाई के साथ यह फिल्म साल 2026 की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्म बन चुकी है। फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत और दिग्गज अभिनेता कमल हासन ने भी इस फिल्म की कहानी और पूरी टीम की जमकर तारीफ की है।
क्या है फिल्म की कहानी? (No Spoilers)
'मंदादी' की कहानी पारंपरिक नाव दौड़ (Traditional Boat Racing) और तटीय इलाकों की राजनीति पर आधारित है। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले सूरी (Soori) एक फिशिंग कैप्टन के किरदार में हैं, जिन्हें समुद्र और नावों की गहरी समझ है। कहानी में नया मोड़ तब आता है जब उन्हें एक पारंपरिक और बेहद प्रतिष्ठित बोट रेस के लिए छह लोगों की एक टीम का मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी मिलती है।
यह रेस सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि इसमें गांवों की पुरानी दुश्मनी, स्थानीय राजनीति और वर्चस्व की लड़ाई जुड़ी हुई है। सूरी और उनकी टीम के सामने विरोधी गुटों के रूप में सुहास (Suhas) खड़े हैं, जो फिल्म में मुख्य विलेन के रूप में नजर आ रहे हैं। बोट रेस जीतने के लिए दोनों पक्षों के बीच जो दिमागी और शारीरिक संघर्ष होता है, वही इस फिल्म की असली जान है। डायरेक्टर मथिमरन पुगाझेंडी ने तटीय जीवन की खूबसूरती और नाव दौड़ के रोमांच को कैमरे पर जिस तरह उतारा है, वह वाकई काबिले तारीफ है।

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