महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों को बड़ी राहत, मराठी सीखने के लिए मिला 1 साल का अतिरिक्त समय
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को कामकाज के लिए जरूरी मराठी सीखने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह घोषणा की। इस एक साल की अवधि में मराठी की निर्धारित जानकारी पूरी न होने पर ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। �
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क्यों लिया गया यह फैसला?
महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए कार्यात्मक मराठी ज्ञान की आवश्यकता को लेकर परिवहन विभाग ने जांच अभियान शुरू किया था। कई ड्राइवरों को मराठी proficiency test में अपेक्षित जानकारी नहीं होने पर नोटिस भी दिए गए थे।
ड्राइवर संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्यादा समय देने की मांग की। उनका कहना था कि ड्राइवर अलग-अलग उम्र और शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आते हैं, इसलिए कम समय में भाषा सीखना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। एक साल में क्या होगा?
सरकार के अनुसार इस अतिरिक्त अवधि के दौरान ड्राइवरों को बुनियादी/कामचलाऊ मराठी सीखने में मदद की जाएगी। इसके लिए मराठी classes और study material उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
इसका उद्देश्य ड्राइवरों को यात्रियों के साथ रोजमर्रा की बातचीत के लिए जरूरी मराठी सीखने का अवसर देना है।
पहले क्या कार्रवाई हो रही थी?
20 अगस्त से महाराष्ट्र में commercial passenger vehicle drivers की मराठी जानकारी की जांच शुरू हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआती दिनों में बड़ी संख्या में ड्राइवरों को नोटिस जारी किए गए थे।
इस अभियान को लेकर कुछ ड्राइवर संगठनों ने विरोध भी किया और अधिक समय की मांग की थी।
ड्राइवर संगठनों ने फैसले का स्वागत किया
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त समय देने की मांग रखी थी। सरकार द्वारा एक साल की मोहलत दिए जाने के बाद संगठनों ने फैसले का स्वागत किया है।
नियम को लेकर विवाद भी हुआ
मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस भी सामने आई है। इस नियम को चुनौती देने वाली याचिका Bombay High Court में भी दाखिल की गई है।
वहीं सरकार का कहना है कि ड्राइवरों को मराठी का विशेषज्ञ बनने की जरूरत नहीं है, बल्कि यात्रियों के साथ रोजमर्रा के काम के लिए आवश्यक बुनियादी भाषा ज्ञान हासिल करना है।
महाराष्ट्र के यात्रियों के लिए इसका क्या मतलब?
ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों को एक साल का अतिरिक्त समय मिलने से तत्काल कार्रवाई का दबाव कम होगा। साथ ही ड्राइवरों को मराठी सीखने और यात्रियों से स्थानीय भाषा में बेहतर संवाद करने का अवसर मिलेगा।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। सरकार ने मराठी सीखने के लिए एक साल की अतिरिक्त मोहलत दी है और इस अवधि में प्रशिक्षण तथा study material उपलब्ध कराने की बात कही है।

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